शनिवार, 18 जुलाई 2009

ऐ मायावती के दूधवाले!

ऐ मायावती के दूधवाले!
सब कुछ कहना सुनना,
बस एक बात हमारी
थोड़ा दिमाग में रखना.
पड़ोस के शर्मा जी तो
कुछ नही कर पायेंगे
तुम घटिया दूध दोगे
तो कोई और लगायेंगे.
इस छत्ते पर लेकिन
बिल्कुल हाथ न डालना
बहनजी के दूध में
पानी साथ न डालना.
उनके सर पर कभी
मक्खी भी गर बैठती है
तो वो दलितों पर
अत्याचार कर बैठती है.
मायावती को 'चंदा' मिले तो
दलित अमीर बनता है
उनकी मूर्तियाँ लगती हैं तो
दलित अमर बनता है.
वो पहले एक 'दलित' हैं,
फ़िर एक 'नारी' हैं
फ़िर जाकर कहीं ख़ुद को
एक 'इंसान' स्वीकारी हैं.
इसलिए ऐ दूधवाले,
तुम सब कुछ करना,
उनके दूध में लेकिन
मिलावट मत करना.
वरना ख़ुद को दलितों पर
अत्याचार करता पाओगे.
ज़मानत भी नही होगी
ऐसे फ़िर जेल जाओगे.